
भारत सरकार ने अब “अतिथि देवो भवः” को थोड़ा modify कर दिया है- “अतिथि अगर ड्रग्स लाए, तो सीधा डिपोर्ट हो जाए।”
गृह मंत्रालय ने 16,000 विदेशी ड्रग्स तस्करों को बाहर निकालने की तैयारी कर ली है। ये वो लोग हैं जिनका “International Business” भारत में सेटअप था — Zero Investment, High Risk, Ultra High Return.
पर अब सरकार ने कह दिया है:
“This is not Amazon. Your delivery is canceled, and you’re being returned to sender.”
‘ड्रग डिस्पोजल डे’ नहीं, अब ‘ड्रग डिस्पोजल यज्ञ’ चल रहा है
गृह मंत्री अमित शाह ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के सम्मेलन में कहा —
“अब नशे की राजनीति नहीं, नीति चलेगी।”
और फिर पूरे देश में एक साथ 4,000 किलो नशीले पदार्थों की बलि दी गई। कहीं पर जलाया गया, कहीं पर जमीन में गाड़ा गया, और कुछ केस में जनता की वाहवाही में तिनके तिनके उड़ाया गया।
आने वाले 15 दिन: ‘ड्रग्स का काल’ होगा एक्टिव
सरकार ने टारगेट सेट कर लिया है — 1 लाख किलो ड्रग्स डस्टबिन में, 4,000 करोड़ की इंटरनेशनल वैल्यू, 0% टॉलरेंस, 100% एक्शन
और अगर ड्रग माफिया को लग रहा है कि वो फिर से जड़ें जमा लेंगे, तो सरकार की तरफ़ से जवाब है:
“भाई, ये 90s की मूवी नहीं, ये 2025 का इंडिया है!”
संयुक्त संकल्प, साझा ज़िम्मेदारी — डायलॉग नहीं, एक्शन है
ANTF के सम्मेलन में देश भर के 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने मिलकर ‘ड्रग्स हटाओ, देश बचाओ’ का संयुक्त घोषणापत्र जारी किया।
थीम थी:
“United Resolve, Shared Responsibility”

और अंदर की खबर ये है कि हर राज्य के अफसरों को कहा गया है:
“अब अगर ड्रग्स मिला, तो पोस्टिंग मिलेगी बर्फीले पहाड़ों में!”
विदेशी ड्रग तस्करों की ‘शॉपिंग लिस्ट’ अब सरकार की ब्लैकलिस्ट
NCB की रिपोर्ट के मुताबिक, ये 16,000 विदेशी ड्रग डीलर भारत में:
कुछ ‘स्टूडेंट वीज़ा’ पर आए। कुछ ‘टूरिस्ट’ बनकर। और कुछ तो सीधे “I’m here to ruin youth” टैगलाइन के साथ। पर सरकार ने अब कह दिया है — “No more sabhyata ke dushman!”
“Visa Cancel. India Exit.”
ड्रग्स के धंधे को मिला सरकार का ‘रिटर्न टू सेंटर’ स्टिकर
अब तक 6 लाख किलो ड्रग्स नष्ट किया जा चुका है। 2014 से पहले की तुलना में 30 गुना ज़्यादा एक्शन। कहीं कूड़े के ढेर में, कहीं चूल्हे में, और कहीं अदालत के ऑर्डर से, “ड्रग्स को मिली ultimate मुक्ति!”
“नशा छोड़ो, नहीं तो देश छोड़ो”
सरकार का संदेश अब क्लियर है:
“अगर आप नशे के सौदागर हैं, तो भारत आपके लिए अब Netflix नहीं, CID एपिसोड बन चुका है।
और याद रखो — CID में जुर्म कभी छुपता नहीं!”
“अब ड्रग्स के लिए भारत नहीं आएंगे विदेशी — क्योंकि यहां अब मिलने वाला है सिर्फ़ ‘जेल टूरिज़्म!’
“समझाइश मतलब धमकाइश!” — अखिलेश का बीजेपी को सटीक व्यंग्य बाण
